समस्त ब्लॉग/पत्रिका का संकलन यहाँ पढें-

पाठकों ने सतत अपनी टिप्पणियों में यह बात लिखी है कि आपके अनेक पत्रिका/ब्लॉग हैं, इसलिए आपका नया पाठ ढूँढने में कठिनाई होती है. उनकी परेशानी को दृष्टिगत रखते हुए इस लेखक द्वारा अपने समस्त ब्लॉग/पत्रिकाओं का एक निजी संग्रहक बनाया गया है हिंद केसरी पत्रिका. अत: नियमित पाठक चाहें तो इस ब्लॉग संग्रहक का पता नोट कर लें. यहाँ नए पाठ वाला ब्लॉग सबसे ऊपर दिखाई देगा. इसके अलावा समस्त ब्लॉग/पत्रिका यहाँ एक साथ दिखाई देंगी.
दीपक भारतदीप की हिंद केसरी पत्रिका

Wednesday, February 10, 2010

इंसाफ का दरबार-हिन्दी व्यंग्य कविता (insaf ka darbar-hindi comic poem)

होते हथियार में तो हम भी

अमन के पहरेदारों की तरह

अपनी अदायें दिखाते।

लूट की दौलत होती तो

ईमानदारों की सूची में

अपना नाम लिखाते।

इस जमाने में भलमानसियत के

मायने अब पहले जैसे नहीं रहे,

लुटेरों और हमलावरों को

हर इंसान सलाम कहे,

बेकसूरों का खून बहाने की ताकत जिनमें है

वही अपने घर पर इंसाफ का दरबार बनाकर

हवाओं को सजा दिलाते।

रंगे हैं हाथ जिनके बेईमानी और खून से

उनसे दोस्ती का रिश्ता भी निभाते।

कवि लेखक एंव संपादक-दीपक भारतदीप,Gwalior
http://dpkraj.blogspot.com
------------------------

दीपक भारतदीप की शब्दयोग पत्रिका पर लिख गया यह पाठ मौलिक एवं अप्रकाशित है। इसके कहीं अन्य प्रकाश की अनुमति नहीं है।
अन्य ब्लाग
1.दीपक भारतदीप की शब्द पत्रिका
2.अनंत शब्दयोग
3.दीपक भारतदीप की शब्दयोग-पत्रिका
4.दीपक भारतदीप की शब्दज्ञान पत्रिका

2 comments:

परमजीत बाली said...

बढिया रचना है।बधाई।

RaniVishal said...

Bahut hi Samsamyik rachana hai...manavta ka patan vicharniya hai!!!
Aabhar
http://kavyamanjusha.blogspot.com/

यह रचनाएँ जरूर पढ़ें

Related Posts with Thumbnails

हिंदी मित्र पत्रिका

यह ब्लाग/पत्रिका हिंदी मित्र पत्रिका अनेक ब्लाग का संकलक/संग्रहक है। जिन पाठकों को एक साथ अनेक विषयों पर पढ़ने की इच्छा है, वह यहां क्लिक करें। इसके अलावा जिन मित्रों को अपने ब्लाग यहां दिखाने हैं वह अपने ब्लाग यहां जोड़ सकते हैं। लेखक संपादक दीपक भारतदीप, ग्वालियर

यह रचनाएँ जरूर पढ़ें

Related Posts with Thumbnails

विशिष्ट पत्रिकाएँ